नवजागरण कालीन भारतीय कहानी उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्ध और बीसवीं सदी के प्रारंभ में हुए साहित्यिक और सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक है। यह समय भारतीय समाज में नव जागरूकता, सामाजिक सुधार और राष्ट्रीय भावना के उदय का था। नवजागरण काल के दौरान, भारतीय कहानी ने एक नई दिशा प्राप्त की और समाज के विभिन्न मुद्दों को समर्पित किया।
इस काल के प्रमुख साहित्यकारों में रवींद्रनाथ टैगोर, प्रेमचंद, बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय, और महादेवी वर्मा शामिल हैं। टैगोर की कहानियाँ भारतीय समाज की जटिलताओं और मानवीय भावनाओं का मार्मिक चित्रण करती हैं, जबकि प्रेमचंद की कहानियाँ ग्रामीण जीवन, सामाजिक असमानता और आर्थिक संघर्षों को प्रदर्शित करती हैं। बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की कहानियाँ राष्ट्रवादी भावनाओं और सामाजिक सुधार पर केंद्रित थीं, और महादेवी वर्मा ने अपनी रचनाओं में स्त्री अधिकारों और उनके संघर्षों का सजीव वर्णन किया।
नवजागरण काल में कई साहित्यिक आंदोलन भी हुए जिन्होंने भारतीय कहानी को गहरा प्रभाव डाला। सुधार आंदोलनों जैसे ब्रह्म समाज, आर्य समाज और प्रार्थना समाज ने सामाजिक सुधार और स्त्री अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाई। राष्ट्रवादी आंदोलन ने साहित्यकारों को स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय एकता के संदेश पर जोर देने के लिए प्रेरित किया। प्रगतिवादी लेखकों ने समाज की वास्तविकताओं और समस्याओं को अपनी कहानियों में उजागर किया, जिनमें सामाजिक असमानता, मजदूरों के अधिकार और आर्थिक संघर्षों का वर्णन होता था।
नवजागरण काल की कहानियों की प्रमुख विशेषताओं में सामाजिक सरोकार, राष्ट्रीयता और स्वतंत्रता, मानवीय संवेदनाएँ और साहित्यिक प्रयोग शामिल थे। यह कहानियाँ सामाजिक सुधार, जाति प्रथा और स्त्री अधिकारों के मुद्दों को प्रमुखता देती थीं। इसके साथ ही, इन कहानियों में राष्ट्रवादी भावना और स्वतंत्रता संग्राम की झलक भी स्पष्ट रूप से दिखाई देती थी। कहानियों में मानव जीवन की संवेदनाओं, भावनाओं और आंतरिक संघर्षों का मार्मिक चित्रण होता था, और साहित्यकारों ने नए साहित्यिक प्रयोग किए और विभिन्न शैलियों में लेखन किया।
नवजागरण कालीन भारतीय कहानी ने भारतीय साहित्य को न केवल समृद्ध किया, बल्कि समाज और संस्कृति को भी गहरा प्रभाव डाला। यह काल साहित्यिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जागरूकता का समय था। इस दौरान लिखी गई कहानियाँ आज भी प्रासंगिक हैं और समाज को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। नवजागरण कालीन भारतीय कहानी मानव समाज के अनुभवों, विचारों और भावनाओं का सजीव दस्तावेज है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्त्रोत बनी रहेगी।